प्राचीन एवं आधुनिक विज्ञानों के बीच की मिटेंगी दूरीयां

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मालीक्यूलर एवं आयुर्वेदिक बायोलोजी का एक संयक्त  केंद्र शीघ्र ही बनारस  हिन्दू विश्वविद्यालय में स्थापित होने जा रहा है I यह केंद्र मानव स्वास्थ्य के संरक्षण में आयुर्वेदिक विज्ञान एवं मालिक्युलर बायोलोजी के बीच की दूरियां कम करेगा Iहाल ही में मालीक्य्लर बायोलोजिस्ट,भौतिक शास्त्रियों एवं आयुर्वेदिक वैज्ञानिकों के बीच हुए मंथन से यह निर्णय लिया गया है Iमालीक्यूलर वैज्ञानिक श्री गिरीश चन्द्र त्रिपाठी का कहना है कि वे इस प्रोजेक्ट से काफी उत्साहित हैं जिसमें आयुर्वेदिक सिद्धांतों एवं मालीक्यूलर बायोलोजी के बीच एक सम्बन्ध स्थापित करने में मदद मिलेगी I

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