योगमय हुई देवभूमि

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उत्तराखंड को देवताओं की भूमि के रूप में जाना जाता है। आचार्य चरक एवं महर्षि  पतंजलि की भूमि आज 60 हजार लोगों के एक साथ योग अभ्यास करने का गवाह बनी। देवभूमि की द्रोण नगरी स्थित वन अनुसंधान संस्थान का सुंदर मैदान भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ सांमान्य से लेकर खास तबके के लोगो के एक साथ योग अभ्यास करने का गवाह बना।योग की समत्वं एकत्वं की परिकल्पना आज देवभूमि में साकार रूप लेती देखी गई।क्या बच्चे ,क्या बूढ़े ,क्या जवान सभी एक रंग की टी-शर्ट और रंगबिरंगी योगा मेट्स के साथ एक ही लय में योग के आसनों एवं प्राणायाम का अभ्यास करते नजर आये।सबसे पहले कार्यक्रम में उत्तराखंण्ड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देवभूमि को चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिये प्रधानमंत्री द्वारा चसिनित किये जाने पर धन्यवाद ज्ञापित किया गया।केंद्रीय आयुष मंत्री श्री पद यशो नायक ने अपने विभाग द्वारा अबतक योग के प्रचार प्रसार सहित स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में किये गए कार्यो की सालाना रिपोर्ट प्रस्तुत की गई ।इसके बाद भारत के प्रधानमंत्री ने योग को जोड़ने वाला एवं दुनिया को बढ़ते स्वास्थ्य के खतरों से बचाने वाला बताया।उन्होंने योग को मानव से महामानव बनाने की शक्ति से परिपूर्ण विधा के रूप में लोगो को नित्य अपनाने को प्रेरित किया।इस कार्यक्रम के आयोजन की सफलता का पूरा श्रेय केंद्रीय आयुष मंत्रालय के साथ -साथ उत्तराखंड के स्थानीय प्रशासन को दिया जाना चाहिये।हजारों की भीड़ का अनुशासन देखने योग्य रहा।विभिन्न संस्थानों,आईटीबीपी ,पुलिस प्रशासन के साथ साथ राज्य के शासकीय एवं निजी शैक्षणिक संस्थानों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में दिन रात एक कर दिया था।सभी साधकों को निशुल्क टी-शर्ट, योग मेट के साथ साथ पानी की बोतले निःशुल्क वितरित की गई।सभागीय परिवहन विभाग के सहयोग से देर रात से ही बसे लोगो को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचाने का कार्य कर रही थी

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