नागदमनी (आर्टीमीसीया) एक अद्भुत कैंसररोधी वनस्पति

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आपने आसपास जंगली पौधे के रूप में इस वनस्पति को काफी देखा होगा। ।आर्टीमिसीया नामकी इस वनस्पति  वर्ष 2015 में सुर्ख़ियों में आयी जब चीन के प्रोफ़ेसर ‘तु’ को इस वनस्पति (क्विंग हाउ) को परजीवी संक्रमण के लिए नयी चिकित्सा विकसित करने के कारण विलियम कैम्पबेल एवं संतोषी ओमारा के साथ संयुक्त रूप से नोबेल पुरष्कार मिला। वर्ष 1970 में ही इन तीनों ने मिलकर एवेरमेकटीन नामक एक कम्पाउंड तैयार किया था जो पारासायटिक संक्रमणों पर कार्य करता था।तु पहली चीनी वैज्ञानिक थी जिन्हें विज्ञानं का नोबेल पुरस्कार मिला था।अर्थात आर्टीमीसीया से प्राप्त आर्टीमिसिन के लिए ‘तु’ को 2011 में Lasker Prize से सम्मानित किया गया था। आर्टीमीसिया ने चीन को इतनी बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि दी।आप इस पौधे की पत्तियों को चबाकर देखें इसके कड़वेपन से ही आपको इसके गुणों का एहसास हो जाएगा।
आर्टीमीसीया में पाये जानेवाले रसायन आर्टीमिसिन में कैंसर रोधी गुण भी पाये जाते हैं।यह विभिन्न प्रकार की कैंसर कोशिकाओं को चुन चुनकर मार डालता है।इसके कैंसर कोशिकाओं को समाप्त करने के गुण और अधिक घातक हो जाते हैं जब इसमे लौह तत्व मिला दिया जाता है।वर्ष 2001 में ही वाशिंगटन विश्विद्यालय के वैज्ञानिकों ने इसे ब्रेस्ट कैंसर कोशिकाओं को सेलेक्टिवली नष्ट करनेवाला पाया था।आर्टीमिसिन लौह तत्व के साथ रिएक्ट कर एक फ्री रेडिकल का निर्माण करता हैजो कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करता है।चूँकि कैंसर कोशिकाएं सामान्य कोशिकाओं की अपेक्षा अधिक लौह तत्व ग्रहण करती है आर्टीमिसिन के साथ मिल जाने से इसके गुण 100 गुना अधिक बढ़ जाते हैं।
युनिवर्सीटी आफ कोलम्बिया के बर्कले स्थित कैंसर रिसर्च लैब में हुई शोध में आर्टीमीसीया में पाये जानेवाले आर्टीमिसिन को ट्यूमरोजेनीक कौशिकाओं को नष्ट करने के गुणों से युक्त पाया गया तथा नान ट्यूमरोजेनीक कोशिकाओं पर इसका कोई प्रभाव नही देखा गया।
इन शोध निष्कर्षों से आर्टीमीसीया के अंदर सेलेक्टिव कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने वाले गुण पाये गये हैं और सामान्य कोशिकाओं पर कोई दुष्प्रभाव नही देखा गया।आर्टीमिसिन तत्व को बिना स्वस्थ कोशिकाओं को नष्ट किये 98%तक कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करनेवाला माना गया है।

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