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एंटीआक्सीडेंटस की माँ :ग्लुटाथायोन

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आपने अक्सर एंटीआक्सीडेंट के बारे में जानकारी किसी न किसी रूप में प्राप्त की होगी,लेकिन शायद ही हम यह जानते हों की इन एंटीआक्सीडेंट की जननी कौन है ?

जी हाँ ,ग्लुटाथायोंन एक ऐसा एंटीआक्सीडेंट है जो हमें कैंसर,ह्रदय रोग , बुढापे से सम्बंधित समस्याओं के अलावा नयूरोलोजीकल परेशानियों के उत्पन्न होने से बचाता है !

यह एक ऐसा एंटीआक्सीडेंट है जिसके बारे में हम शायद ही उतनी गहराई से अध्ययन कर जानने का प्रयास करते हैं ! जी हाँ, मैं आज इस एंटीआक्सीडेंट के बारे में आपकी जानकारी को अपडेट करने का प्रयास इस लेख के माध्यम से करने जा रहा हूँ ! यदि इस एंटीआक्सीडेंट के नाम पर गौर करें तो

ग्लुटा-थाई-योन अर्थात एक ऐसे शक्तिशाली डीटाक्सीफायर एवं इम्यूनबूस्टर का नाम सामने आता है जो स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक हैI

आईये जानें एंटीआक्सीडेंट ग्लुटाथायोन क्या है?

यह एक साधारण संरचना का असाधारण गुणों से युक्त मालीक्यूल है जो शरीर में प्राकृतिक रूप से बनता रहता है,यह प्रोटीन्स (एमिनो एसिड)- सिस्टीन,ग्लायसीन एवं ग्लुटामीन की कड़ी के जुड़ने से बनता हैI

इसकी सबसे अच्छी बात इसमें पाया जानेवाला सल्फर ग्रुप है जो खतरनाक फ्री रेडिकल्स जैसे मरकरीएवं हेवी मेटल्स को ट्रेप कर लेता है तथा  शरीर से बाहर निकाल देता है Iइससे आप वर्तमान  परिस्थितियों में इसके महत्व को समझ सकते हैं !

आईये जानें कि आपको ग्लुटाथायोन  कहाँ से मिलता है ?

हाँ यह सत्य है की हमारा शरीर इसका निर्माण प्राकृतिक रूप से स्वयं करता है लेकिन आज की तनावयुक्त जीवनशैली में इसे अतिरिक्त रूप में भोजन से प्राप्त किया जाना आवश्यक है,इसके प्राकृतिक स्रोत निम्न हैं :-

-ब्रोकली 

-ब्रसल स्प्राउट 

-पत्ता गोभी 

-फूल गोभी 

-तरबूज 

-बादाम 

-हल्दी 

-मटर 

-लह्शुन

-प्याज 

ये ऐसे भोज्य द्रव्य हैं जिनका हम प्रायः भोजन में प्रचुर मात्रा में सेवन नहीं कर पाते हैं जबकि हमारी रूचि मांसाहार,जंक फ़ूड एवं प्रोसेस्ड फ़ूड को लेने में अधिक होती है I अतः

ब्रोकली,ब्रसल स्प्राउट ,पत्ता गोभी ,फूल गोभी-तरबूज ,बादाम,हल्दी ,मटर,लह्शुन,प्याज आदि का सेवन हमारे पाचन तंत्र को ठीक रखता है तथा एंटीआक्सीडेंट ग्लुटाथायोंन की पूर्ती करता है I

एंटीआक्सीडेंट ग्लुटाथायोन जीर्ण बीमारियों से कैसे बचाता है ?

जब हमारा शरीर फ्री रेडिकल्स से जूझता है तब  ग्लुटाथायोंन सारे एंटीआक्सीडेंटस को रिसायकल करता है यह एक मालीक्यूल से दुसरे मालीक्यूल की ओर गमन करता है और शरीर स्वतः नये ग्लुटाथायोंन को बना लेता है I

ग्लुटाथायोंन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाने के साथ-साथ टोक्सिंस को शरीर से बाहर निकालनेवाले केरीयर के रूप में भी काम करता है ! यह एक जाल की तरह काम करता है जिसमें टाकसिंस फंस जाते हैं और बाईल के द्वारा मल के साथ बाहर निकल जाते हैं I

प्रख्यात वैज्ञानिक मार्क थायमन निम्न 9 टिप्स बताते हैं जिनसे शरीर मेंग्लुटाथायोंन के स्तर को बढाया जा सकता है आप चाहें तो इसे ट्राई कर लें :

1.सल्फर की प्रचुरता वाले भोज्य पदार्थ जैसे लह्शुन,प्याज एवं क्रुसीफेरी कुल की सब्जियों ( फूल गोभी,पत्ता गोभी ,ब्रोकली ) आदि का सेवन करें I

2.प्राकृतिक दूध का सेवन यथासंभव करें I

3.नियमित व्यायाम आपके ग्लुटाथायोंन के स्तर को बढ़ा देता है जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है साथ ही शरीर में स्थित टाक्सिनस  बाहर निकल जाते हैं I नियमित रूप से 30 मिनट किया गया व्यायाम आपके लिए लाभदायक होता है I

4.N-ACETYL CYSTINE:-एस्थमा एवं फेफड़ों से सम्बंधित तकलीफों में इस रसायन का प्रयोग सदियों से होता आया है यह ग्लुटाथायोंन के रूप में काम करता है I

5.एल्फा लाइपोइक एसिड:यह ग्लुटाथायोंन के बाद कोशिकाओं में पाया जानेवाला  दूसरा प्रमुख रसायन है जो रक्त्गत शर्करा को नियंत्रित करने के साथ शरीर में तनाव झेलने की क्षमता उत्पन्न करता है I

6.Folate,Vitamin B6 & B12: ये ऐसे तत्व हैं जो शरीर में ग्लुटाथायोंन के निर्माण की प्रक्रिया को नियमित बनाए रखते है I

7. सेलीनियम :यह सबसे महत्वपूर्ण मिनरल है शरीर में ग्लुटाथायोंन को रिसायकल करने के साथ साथ अधिक से अधिक ग्लुटाथायोंन का निर्माण करता है I

8.Vitamin C & Vitamin E:ये भी शरीर में ग्लुटाथायोंन को रीसायकल करते हैं I

9.Silymarin: लीवर से सम्बंधित बीमारियों में प्रयुक्त रसायन ग्लुटाथायोंन के स्तर को बढाने का कम करता है I

नोट : सभी जानकारियाँ विभिन्न स्रोतों से ली गयी हैं जिनका उद्देश्य ग्लुटाथायोंन के बारे में चिकित्सकों सहित छात्रों के ज्ञान का संवर्धन करना है !

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