राष्ट्रीय संगोष्ठी में वैद्य नवीन जोशी सम्मानित, मध्यप्रदेश के राज्यपाल ने किया सम्मान | नाड़ी विश्लेषण-2026
भोपाल | नाड़ी विश्लेषण-2026 | आयुष दर्पण विशेष समाचार
आयुर्वेद की प्राचीन नाड़ी परीक्षा परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली, जब भोपाल स्थित खुशीलाल आयुर्वेद संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “नाड़ी विश्लेषण-2026” में वैद्य नवीन जोशी, MD (आयुर्वेद) को प्रतिष्ठित नाड़ी वैद्य के रूप में मध्यप्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल जी द्वारा सम्मानित किया गया।
देशभर से आए नाड़ी विशेषज्ञों, आयुर्वेद चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति में मिला यह सम्मान नाड़ी परीक्षा एवं क्लिनिकल आयुर्वेद के क्षेत्र में उनके वर्षों के अध्ययन, अभ्यास और योगदान की महत्वपूर्ण पहचान है।
🎙️ पंचकर्म चिकित्सा में नाड़ी परीक्षा का क्लिनिकल एप्लीकेशन
संगोष्ठी में वैद्य नवीन जोशी ने “नाड़ी परीक्षा का पंचकर्म चिकित्सा में क्लिनिकल एप्लीकेशन” विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पंचकर्म चिकित्सा में रोगी के परीक्षण, चिकित्सकीय आकलन और उपचार की योजना बनाने के संदर्भ में नाड़ी परीक्षा के पारंपरिक ज्ञान एवं व्यावहारिक अनुभव का महत्वपूर्ण स्थान है।
🤖 नाड़ी परीक्षा और Artificial Intelligence (AI): परंपरा के साथ आधुनिक तकनीक
अपने व्याख्यान में उन्होंने नाड़ी परीक्षा की पारंपरिक ज्ञान-परंपरा को आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक अध्ययन से जोड़ने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक नाड़ी परीक्षण से प्राप्त डेटा को रिकॉर्ड करने, विभिन्न पैटर्न का अध्ययन करने और विश्लेषण में सहायता कर सकती हैं। हालांकि, वैद्य का अनुभव, निरंतर अभ्यास, स्पर्श की अनुभूति और चिकित्सकीय विवेक नाड़ी परीक्षा की विशेषज्ञता के महत्वपूर्ण आधार हैं।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के आयुष सचिव श्री शोभित जैन जी तथा आयुक्त आयुष श्रीमती आर. उमा महेश्वरी जी की गरिमामयी उपस्थिति भी रही।
🌿 परंपरा, अनुभव और तकनीक का संगम
नाड़ी परीक्षा भारतीय आयुर्वेद की समृद्ध ज्ञान-परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है। इसे व्यवस्थित अध्ययन, अनुभव-आधारित प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकी अनुसंधान के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में ऐसे राष्ट्रीय आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

