आयुष दर्पण

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अनुशल्य–जिज्ञासा 2K26 राष्ट्रीय संगोष्ठी में मर्म चिकित्सा का प्रभावी प्रस्तुतीकरण

नवी मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘अनुशल्य–जिज्ञासा 2K26’ में मर्म चिकित्सा की गूंज नवी मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘अनुशल्य–जिज्ञासा 2K26’ में देशभर के विशेषज्ञों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. नवीन जोशी ने मर्म चिकित्सा के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पक्षों को प्रस्तुत करते हुए इसके प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ. जोशी ने आयोजन की सफलता के लिए प्रो. डॉ. अमरप्रकाश द्विवेदी, उनकी टीम तथा डी.वाई. पाटिल स्कूल ऑफ आयुर्वेद, नवी मुंबई के डीन प्रो. डॉ. हारित को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह संगोष्ठी भावी सर्जनों और आयुर्वेद विद्यार्थियों के लिए ज्ञान एवं कौशल का एक उत्कृष्ट मंच साबित हुई। देहरादून लौटते हुए डॉ. जोशी ने कहा कि नवी मुंबई से मिली शैक्षणिक ऊर्जा और अनुभव को वे अपने आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं आयुर्वेद के जनजागरण कार्यों में आगे बढ़ाएंगे।
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नवी मुंबई। नवी मुंबई में आयोजित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संगोष्ठी “अनुशल्य–जिज्ञासा 2K26” ज्ञान, अनुसंधान और चिकित्सा कौशल का एक भव्य संगम साबित हुई। देशभर से आए विशेषज्ञों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की सहभागिता ने इस आयोजन को आयुर्वेद एवं शल्य विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक मंच के रूप में स्थापित किया।

इस अवसर पर वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. नवीन जोशी ने मर्म चिकित्सा (Marma Chikitsa) के प्रचार-प्रसार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रस्तुत करते हुए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि भावी सर्जनों एवं आयुर्वेद विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और अनुभव के इस प्रकार के आदान-प्रदान से चिकित्सा क्षेत्र को नई दिशा मिलती है।

डॉ. जोशी ने संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए प्रो. डॉ. अमरप्रकाश द्विवेदी एवं उनकी समर्पित टीम—डॉ. वेदिका भोईर, डॉ. अनिरुद्ध पवार, डॉ. सजल सिंघाई तथा सभी विद्वान शोधार्थियों—को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रो. द्विवेदी का दूरदर्शी नेतृत्व और पूरी टीम का अथक प्रयास इस आयोजन को वास्तव में “ज्ञान का महाकुंभ” बनाने में सफल रहा।

उन्होंने डी.वाई. पाटिल स्कूल ऑफ आयुर्वेद, नवी मुंबई के डीन प्रो. डॉ. हारित के कुशल नेतृत्व और संस्थान द्वारा प्रदान किए गए उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण की भी सराहना की।

डॉ. नवीन जोशी ने कहा कि नवी मुंबई से प्राप्त शैक्षणिक अनुभव, प्रेरणा और आतिथ्य को वे देहरादून में अपने आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं जनकल्याणकारी कार्यों में उपयोग करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आयुर्वेद और मर्म चिकित्सा के ज्ञान-प्रवाह को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

— आयुष दर्पण संवाददाता
देहरादून/नवी मुंबई

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