आयुष दर्पण

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पने बचपन में पपाया द सेलर मैँन की कहानी जरूर देखी होगी जो पालक खाकर मजबूत बन जाता था।लेकिन आप और हम मे से शायद ही कुछ लोग जानते होंगे कि पालक ताकत बढ़ाने का ही नहीं वजन को कम करने का भी मन्त्र है।
यदि आप तेजी से वजन कम करना चाहते हैं तो पालक से बेहतरीन विकल्प नहीं।
आयुष दर्पण के ब्लॉग लिंक तथा वेबपोर्टल पर हमने इस आर्टिकल को पोस्ट किया जिसे काफी पसंद किया गया।हम हिंदी के पाठकों के लिए इस लेख को पुनः प्रस्तुत कर रहे हैं।
पालक और वजन का कम होना वैज्ञानिक अवधारणा:
स्वीडन की Lund University में पालक के वजन पर होनेवाले प्रभावों का अध्ययन किया गया।इस शोध को चार्लोट एरल्सन अबर्टसन प्रोफ़ेसर आफ मेडीसीन के निर्देशन में किया गया।शोध में 38 अधिक वजन वाले लोगों को तीन महीने तक नाश्ते से पहले ग्रीन ड्रिंक दिया गया।एक समूह को दिए गए ग्रीन ड्रिंक में 5 ग्राम थैलेकोइड्स (पालक की पत्तियों की झिल्लियां) दी गयी जबकि दूसरे समूह को प्लेसिबो दिया गया।लोगों को यह मालूम नहीं था कि वो किस समूह में हैं।और दोनों समूह को स्वस्थ एवं बैलेंस्ड के साथ दिन में तीन बार खाने की सलाह दी गयी।उन्हें सख्त हिदायत दी गयी कि इसके अतिरिक्त वे कुछ और न लें।
इस शोध के निष्कर्षों को विश्विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर डाला गया है तथा जर्नल एपेटाइट में प्रकाशित किया गया है जो निम्न है: समूह जिसने प्लेसिबो ड्रिंक लिया उसमें वजन कम होने की औसत दर 3.5 किलोग्राम थी जबकि जिस समूह को पालक की पत्तियों में युक्त थायलेकोइड्स दिया गया उस समूह में वजन कम होने की औसत दर 5 किलोग्राम थी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि थैलेकोइड्स समूह के लोगों को भूख लगने जैसी इच्छा बिलकुल महसूस नही हुई।
अब आईये यह जानते हैं कि पालक किस प्रकार से वजन कम करता है?
सबसे पहले यह जानना आवश्यक है कि अधिक वजन बढ़ना, मोटापे और भूख आपस में किस प्रकार से सम्बंधित हैं।
खाना खाने की प्रबल इच्छा को हेडोनिक हंगर के नाम से जाना जाता है।यह खासकर उनलोगों को अधिक होता है जो लोग फास्ट फूड्स एवं मिठाईयों का अधिक सेवन करते हैं।कुछ लोग अपने खाने को देख स्वय ंपर नियंत्रण नहीं रख पाते और अपने वजन को बढ़ा लेते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण तथ्य हेडोनिक हंगर और होमीयोस्टेटिक हंगर ( जो सामान्य भूख है जो प्रत्येक व्यक्ति की ऊर्जा जरूरतों के आधार पर लगती है) को दबाने से सम्बंधित है।प्रोसेस्ड फ़ूड जैसे फास्ट फ़ूड,मिठाईयां आदि शरीर में शीघ्र टूट जाती हैं और आंत्रगत हार्मोन्स को जो मस्तिष्क को खाने की प्रबल इच्छा को दबाने का सिग्नल देते हैं को सक्रिय नहीं कर पाती हैं।जबकि पालक की पत्तियों में मौजूद थायलेकोइड्स पाचन को ठीक करता है एवं खाने की प्रबल इच्छा को रोकता है।पालक की पत्तियों में मौजूद थैलेकोइड्स पाचन की प्रक्रिया को संतुलित कर आंतों में मौजूद हार्मोन को पर्याप्त समय देते हैं ताकि वे मस्तिष्क को समय पर खाने की इच्छा से रोकने का सिग्नल दे सकें।
वैज्ञानिकों का यह मानना है कि पालक की पत्तियां हेडोनिक हंगर को 95% तक रोक देती हैं एवं वजन को 45 प्रतिशत तक कम करने में मददगार होती हैं।
पालक का कैसे करें प्रयोग?
आप पालक का शेक बनाकर प्रातः काल प्रयोग करें।
आप पालक का साग बनाकर इसे नियमित रूप से भोजन में ले सकते हैं।
आप खाने में सलाद के रूप में पालक की पत्तियों का प्रयोग कर सकते हैं।
आप पालक की करी बनाकर इसे लंच या डिनर में ले सकते हैं।
आईये पालक से सम्बंधित कुछ रोचक बातें जानें:
आधा कप हरी पालक की पत्तियां आपको पूरे दिन 5 बार लिए गए फलों एवं सब्जियों के बराबर ऊर्जा देता है।
पालक का अंग्रेजी शब्द spinach परसियन शब्द ispenai से बना है जिसका मतलब है हरे हाथ जो लेटिन शब्द spanachia से अपभ्रंशित होकर spinach हो गया है।
पालक को जबसे कार्टून केरेक्टर पपाया से जोड़ा गया इसका घरेलु उपयोग 33 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया।
मध्यकालीन युग में पालक से निकाले गए हरे पिग्मेंट का प्रयोग पेंटिंग में किया जाता था।
पालक को पहला सुपरफूड भी कहा जाता है।
नोट: ये सभी तथ्य पालक पर आधारित विभिन्न शोध पत्रों का एक संकलन हैI

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