“बीमा कंपनियों में AYUSH की धूम! IRDAI के आदेश के बाद पॉलिसीधारकों की रिकॉर्ड बढ़ोतरी—45% तक क्लेम जंप”
विशेष रिपोर्ट
चेनई: IRDAI (बीमा नियामक प्राधिकरण) के नए दिशानिर्देशों के बाद हेल्थ बीमा लेने वाले लोगों में AYUSH उपचार (आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी) को चुनने की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
जहाँ पहले आयुष उपचार को सीमित कवरेज मिलता था, अब पॉलिसीधारक इसे मुख्य इलाज विकल्प के रूप में अपनाने लगे हैं।
📈 45% तक बढ़े AYUSH क्लेम
बजाज जनरल इंश्योरेंस के अनुसार, FY26 की पहली छमाही (अप्रैल–सितंबर) में AYUSH क्लेम में 45% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई।
🏥 Star Health: 6,500+ ग्राहकों ने चुना AYUSH कवरेज
स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरर Star Health ने अप्रैल 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच 6,500 से अधिक पॉलिसीधारकों को AYUSH कवर की सुविधा दी।
🔓 IRDAI का बड़ा कदम: सब-लिमिट खत्म + कैशलेस नेटवर्क
IRDAI ने आयुष उपचार पर लगी कई पाबंदियाँ हटाकर:
- सब-लिमिट खत्म किए
- AYUSH अस्पतालों को कैशलेस नेटवर्क में शामिल किया
इससे इलाज पहले की तुलना में अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक हो गया है।
🌿 क्यों बढ़ रही है मांग? विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार AYUSH उपचार—
- दीर्घकालिक बीमारियों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप में
- कम लागत
- बेहतर जीवन-गुणवत्ता
का संतुलित विकल्प बनकर उभर रहा है।
⚠️ क्लेम शिकायतें भी बढ़ीं—15% केस AYUSH से जुड़े
तमिलनाडु और पुडुचेरी के बीमा ओम्बड्समैन कार्यालय के अनुसार, कुल क्लेम शिकायतों में से लगभग 15% शिकायतें AYUSH उपचार के रिजेक्शन से जुड़ी हुई हैं।
