पिप्पली में मिला कोलोन कैंसर से लड़ने वाला शक्तिशाली यौगिक: भारतीय शोधकर्ताओं की बड़ी उपलब्धि
— आयुष दर्पण न्यूज़ डेस्क
राउरकेला (ओडिशा): आयुर्वेदिक मसालों में उपयोग होने वाली पिप्पली (Long Pepper) को लेकर भारतीय वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण खोज की है। NIT राउरकेला के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में यह पाया है कि पिप्पली से प्राप्त प्राकृतिक यौगिक Piperlongumine कोलोन कैंसर कोशिकाओं को प्रभावी रूप से नष्ट कर सकता है, वह भी बिना स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाए।
यह अध्ययन प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल BioFactors में प्रकाशित हुआ है। रिसर्च टीम का नेतृत्व प्रो. बिजेश कुमार बिस्वाल ने किया।
🔬 क्या पाया गया शोध में?
वैज्ञानिकों के अनुसार Piperlongumine कैंसर कोशिकाओं में oxidative stress बढ़ाकर उन्हें स्वयं नष्ट होने (apoptosis) के लिए प्रेरित करता है, जबकि सामान्य कोशिकाएँ सुरक्षित रहती हैं।
मुख्य शोध निष्कर्ष:
- ✔️ कैंसर कोशिकाओं को चुनकर नष्ट करने की क्षमता
- ✔️ स्वस्थ कोशिकाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं
- ✔️ कम साइड इफेक्ट्स
- ✔️ किफायती विकल्प बनने की संभावना
🧬 अगला कदम: कीमोथेरेपी के साथ उपयोग पर अध्ययन
शोध दल अब Piperlongumine को आधुनिक कीमोथेरेपी दवाओं, जैसे Oxaliplatin, के साथ मिलाकर उन्नत स्तर के कैंसर रोगियों में बेहतर परिणाम देने की संभावना पर काम कर रहा है।
🌍 क्यों है यह खोज महत्वपूर्ण?
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर साल दुनिया भर में 19 लाख से अधिक मरीज कोलोन कैंसर से प्रभावित होते हैं। भारतीय परंपरागत औषधि ‘पिप्पली’ से प्राप्त यह यौगिक भविष्य में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
🌿 आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान का संगम
यह शोध इस बात का प्रमाण है कि भारतीय आयुर्वेदिक पौधों में छिपी सामर्थ्य को आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति से प्रमाणित किया जा सकता है। पिप्पली पर आधारित यह अध्ययन कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक नई आशा की किरण के रूप में देखा जा रहा है।
— आयुष दर्पण
स्रोत: NIT Rourkela Research, Journal BioFactors
